राजस्थान में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए टीम वंदे मातरम् फाउंडेशन ने प्रदेश के हर जिले में ऑक्सीजन ज़ोन विकसित करने की घोषणा की है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत हर ज़ोन में 5000 पीपल के पेड़ लगाए जाएंगे, जिससे प्रतिदिन लगभग 11 लाख लीटर प्राकृतिक ऑक्सीजन उत्पन्न होगी।
इस पहल के लिए सरकार से भूमि आवंटन की मांग की गई है और आम जनता से भी अपील की गई है कि वे इस अभियान में भाग लें और हर साल कम से कम एक पीपल का पौधा अवश्य लगाएं।
फाउंडेशन के संस्थापक डॉ. दीनदयाल जाखड़ ने बताया कि आधुनिक जीवनशैली और औद्योगीकरण के कारण वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड का स्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे ग्लोबल वार्मिंग जैसी समस्याएं गंभीर हो गई हैं। कोविड काल में लोगों ने जिस तरह ऑक्सीजन के लिए संघर्ष किया, वह अनुभव इस पहल की प्रेरणा बना।
डॉ. जाखड़ ने बताया कि वे पिछले 34 वर्षों से पर्यावरण और जल संरक्षण में सक्रिय हैं और अब तक 3 लाख से अधिक पेड़ लगा चुके हैं। उन्होंने कई बंजर ज़मीनों को स्कूली बच्चों और ग्रामीणों की मदद से हरा-भरा किया है।
पिछले दो वर्षों से डॉ. जाखड़ कालख बांध में यमुना का पानी न आने तक नंगे पाँव रहने का संकल्प लेकर संघर्षरत हैं। उनका मानना है कि जब तक जल और हरियाली धरती पर नहीं लौटेगी, तब तक विकास अधूरा रहेगा।
उन्होंने बताया कि 3 सितंबर 2023 को ‘नदी जोड़ो अभियान’ के तहत बांडी यात्रा की शुरुआत की गई, जिसमें जमदग्नि आश्रम से कालख बांध तक 84 किमी की पदयात्रा की गई। इस यात्रा में हज़ारों किसान और ग्रामीण जुड़े। यात्रा के बाद छोटी दीपावली पर कालख बांध पर सवा लाख दीप जलाए गए और सरकार ने इसे ईआरसीपी योजना में शामिल कर जनता को सौगात दी। इस अभियान को राजस्थान में जल आंदोलन का नया अध्याय माना गया।